

एक चैट
अब न नई चैट शुरू करनी है, न वही बात दोबारा समझानी है।




फ़ोटो लें। सवाल पूछें।


काम सौंपें। बात जारी रखें।


कभी भी कुछ और जोड़ें।


इसे याद रहता है। आपको स्क्रॉल नहीं करना पड़ता।


हर डिवाइस पर वही चैट।
लाइब्रेरी
आपकी साझा की हुई फ़ाइलें और Dvina के बनाए दस्तावेज़ अपने आप आपकी लाइब्रेरी में व्यवस्थित हो जाते हैं। अगली बार पूछें, तो वे तैयार मिलते हैं।

बातचीत की कड़ियाँ
किसी भी जवाब पर अपनी बात कहें। आगे की बातचीत एक कड़ी में जुड़ती जाती है, जिसे आप चैट के ऊपर खोल सकते हैं। Dvina उसी कड़ी में जवाब देता है और ठीक-ठीक समझता है कि आपने किस बात का जवाब दिया है।


काम
समय लेने वाले काम सौंपें और बात जारी रखें। वे साथ-साथ चलते हैं और उनके नतीजे उसी चैट में मिलते हैं।


संलग्न फ़ाइलें
फ़ोटो, पीडीएफ़, आवाज़ में रिकॉर्ड किए नोट, स्प्रेडशीट। चैट में जोड़ें और पूछें।


न नई चैट खोलनी है, न पिछली बातें फिर समझानी हैं। कहीं से भी बात आगे बढ़ाएँ—Dvina को पहले से पता है।
हम सिर्फ़ वही एनालिटिक्स डेटा जुटाते हैं जो हमारी सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए ज़रूरी है।